आवाज़ ए दिल
तहज़ीब तंजीम सब मिलेगा,
जब मिलोगे ईश्क से रब मिलेगा,,
सोचना क्या किस को कितना कब मिलगी,
उस की मर्ज़ी होगी प्यारे तब मिलेगा,,
इस की रहमत से नहीं मयूश होना,
क्या ख़बर किस को कहाँ कब मिलेगा,,
चंद हल्के चर्ख़-ए -नीली फ़ाम पे है,
ज़िंदगी को आब-दाना अब मिलेगा,,
पढ़ किताबें ये सिखाएंगी तुझे कुछ
जीने का प्यारे यही से ढब मिलेगा,,
Gopal Gupta "Gopal "
अदिति झा
27-Apr-2023 02:50 PM
Nice 👍🏼
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पृथ्वी सिंह बेनीवाल
27-Apr-2023 11:12 AM
शानदार
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Abhinav ji
27-Apr-2023 09:34 AM
Very nice 👍
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